हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन जारी सरकार द्वारा लगाए गए एस्मा के बावजूद नहीं टूटा डॉक्टरों का हौसला, अब सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया
हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन जारी सरकार द्वारा लगाए गए एस्मा के बावजूद नहीं टूटा डॉक्टरों का हौसला, अब सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया

Satya Khabar Kurkshetra
Doctors on Strike हरियाणा में डॉक्टरों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल आज लगातार तीसरे दिन जारी है। सोमवार और मंगलवार को डॉक्टरों ने दो दिन की हड़ताल की थी लेकिन कल देर शाम डॉक्टरों ने इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया था। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के आह्वान पर चल रही इस हड़ताल के चलते प्रदेश के यमुनानगर, पानीपत, फतेहाबाद, जींद, कैथल, हिसार, झज्जर और दादरी में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी सहित सभी सेवाएं ठप हैं। प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाते हुए हड़ताल पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर लगातार हड़ताल पर चल रहे हैं। जींद में बुधवार को कल 128 डॉक्टरों में से 107 हड़ताल पर है। 21 डॉक्टरों के भरोसे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं चलाई जा रही हैं। प्रदेश भर के सरकारी डॉक्टर हरियाणा में सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) की सीधी भर्ती समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं। इस बीच, स्वास्थ्य महानिदेशक ने हड़ताली डॉक्टरों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। एचसीएमएसए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया सहित अन्य सदस्यों के साथ बैठक प्रस्तावित है।
झज्जर सिविल अस्पताल में भी हड़ताल का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हालांकि ओपीडी सेवाएं जारी हैं, लेकिन ऑपरेशन ठप होने से मरीजों को आगे की तारीखें दी जा रही हैं। बुधवार को लगने वाला मेडिकल बोर्ड दोपहर में शुरू तो हुआ, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण सभी मरीजों को अगले बुधवार तक के लिए वापस भेज दिया गया। निमाना गांव के निवासी चंदपाल ने बताया कि वे अपना डिसएबिलिटी कार्ड रिन्यू कराने आए थे, लेकिन मेडिकल बोर्ड में आंखों के डॉक्टर नहीं थे। ओपीडी में जांच के लिए गए तो वहां मशीन उपलब्ध न होने की बात कही गई। अंत में उन्हें अगले बुधवार को आने को कहा गया। इसी तरह ईएनटी डॉक्टर बोर्ड में मौजूद तो थे, लेकिन मरीजों को आगे की जांच के लिए पीजीआई रेफर कर दिया गया। गर्भवती महिलाओं की परेशानी अलग से बढ़ी हुई है। अस्पताल आई एक गर्भवती महिला आरती ने शिकायत की कि अल्ट्रासाउंड की पर्ची नहीं काटी जा रही। वे दो दिन पहले भी आई थीं, लेकिन डॉक्टर न होने का हवाला देकर पर्ची नहीं दी गई।
नहीं हुआ समझौता तो होगा अनशन
जानकारी के अनुसार, अब डॉक्टर आमरण अनशन पर भी बैठेंगे और पंचकूला के सेक्टर-6 अस्पताल में डॉक्टर का आमरण अनशन शुरू होगा। हरियाणा डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने हमसे बातचीत करने के बजाय एस्मा लगा दिया और डराने की कोशिश कर रही है। राजेश ख्यालिया ने अपना एक वीडियो जारी करके सभी डॉक्टरों से आह्वान किया कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जब एमपीएचडब्ल्यू की हड़ताल हुई थी तब भी सरकार ने ऐसा ही किया था। हम कोरोना वॉरियर हैं और सरकार ने हमें कोरोना वॉरियर का दर्जा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय सभी की तारीफ की थी और अब हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं तो सरकार सख्ती कर रही है।